Thursday, April 27, 2017

समय और काम

समय और काम



तथ्य


यदि कोई कार्य n दिनों में पूर्ण होता है तो एक दिन का कार्य = 1/n

एवं यदि एक दिन में 1/n कार्य किया जाता है तो कार्य के पुर्ण होने में लगने वाला समय = n दिन ।



उदाहरण


राम किसी काम को 5 दिन में करता है मोहन उसी काम को 10 दिन में करता है दोनो मिलकर उसे कितने समय में कर लेंगे -

राम 5 दिन में करता है = 1 काम

1 दिन में करेगा = 1/5 भाग काम

मोहन 10 दिन में करता है = 1 काम

1 दिन में करेगा = 1/10 भाग काम

दोनो मिलकर 1 दिन में करेंगे = 1/10 + 1/5 = 1+2/10 = 3/10 भाग काम

दोनो मिलकर काम पुरा करेंगे = 10/3 दिन या 3.3 दिन में ।

सुत्र

दोनो के दिनों का गुणा/दोनों के दिनों का याग

= (5*10)/(5+10) = 3.3 दिन



उदाहरण


राम और श्याम एक काम को 5 दिन में पुरा करते हैं राम उसे अकेला 10 दिन में करता हैं तो श्याम उसी काम को कितने दिन मेें करेगा -

राम और श्याम 5 दिन में करते हैं = 1 काम

एक दिन में करेंगे = 1/5 भाग काम

राम अकेला 10 दिन में करता है = 1 काम

एक दिन में करेगा = 1/10 भाग काम

श्याम 1 दिन में करेगा = 1/5 - 1/10 = 2-1/10 = 1/10 भाग काम

अतः श्याम काम पुरा करेगा 10 दिन में।



उदाहरण


यदि 10 व्यक्ति किसी काम को 15 दिन में पूर्ण करते हैं तो एक व्यक्ति उसी काम को कितने दिन में करेगा -

10 व्यक्ति 15 दिन में करते है = 1 काम

1 व्यक्ति 15 दिन में करता है = 1/10

1 व्यक्ति 1 दिन में करता है = 1/(10*15)

1 व्यक्ति कार्य पुर्ण करेगा = 150

सुत्र

एक व्यक्ति कार्य पुर्ण करेगा =दिये गये व्यक्तियों कि संख्या *दिये गये दिनों की संख्या



उदाहरण


एक कार्य को 10 आदमी 20 दिन में करते हैं तो वही कार्य 15 आदमी कितने दिनों में करेंगे -

1 आदमी उसी काम को करेगा = 10*20 = 200 दिन में

15 आदमी उसी कार्य को करेंगे = 200/15 = 13.3 दिन में



उदाहरण


यदि 20 व्यक्ति 15 घन्टे रोजाना काम करके किसी काम को 40 दिनों में पूरा करते हैं तो 10 व्यक्ति उसी कार्य को 50 दिन में पूरा करने के लिए रोजाना कितने घन्टे काम करेंगे -

20 व्यक्ति 15 घण्टे काम करके 40 दिनों में करते हैं = 1 काम

1 व्यक्ति 1 घण्टे कार्य करके 1 दिन में काम करेगा = 1/20*15*40 भाग

10 व्यक्ति 1 घण्टा काम करके 50 दिन में उसी काम को करेंगे = 10*50/(20*15*40)

50 दिन में काम पूरा करने के लिए 10 व्यक्ति काम करेंगे =(20*15*40)/(10*50)= 24 घन्टे



उदाहरण


यदि 20 आदमी 1 काम को 10 दिन में पूरा करते हैं तो 10 आदमी 12 दिन में उसी काम का कितना भाग करेंगे -

20 आदमी 10 दिन में करते हैं = 1 काम

1 आदमी 1 दिन में करता हैं = 1/(20*10)

10 आदमी 12 दिन में करेंगे (10*12)/(20*10)=3/5 भाग



उदाहरण


राम किसी काम को 5 दिन में में करता है और मोहन उसी काम को करने में 7 दिन लगाता है दोनों उसी काम को 2 दिन एक साथ करते हैं और उसके बाद मोहन काम छोड़ कर चला जाता हैं तो शेष काम को राम कितने दिनों में पूरा कर लेगा -

राम 5 दिन में करता है = 1 काम

राम 1 दिन में करेगा = 1/5 भाग काम

इसी प्रकार मोहन 1 दिन में करेगा = 1/7 भाग काम

दोंनों मिलकर 1 दिन में करेंगे =1/5 + 1/7 = 12/35 भाग काम

दोंनों मिलकर 2 दिन में करेंगे = 24/35 भाग काम

शेष काम = 1-24/25 = 1/25 भाग काम

राम 1 दिन में करता है = 1/5 भाग काम तो माना x दिन में करेगा 1/25 भाग काम

अतः 1*x/5 =1/25

x= 5/25 या 1/5 दिन में



उदाहरण


3 पुरूष या 5 महिलाएं किसी काम को 40 दिन में करते हैं तो 9 पुरूष और 5 महिलाएं उस कार्य को कितने समय में करेंगें -

1 पुरूष काम पुरा करेगा = 3.40

1 पुरूष 1 दिन में काम करेगा = 1/120

इसी प्रकार 1 महिला 1 दिन में काम करेगी = 1/200

9 पुरूष 1 दिन में करेंगें = 9/120 भाग काम

5 महिलाएं 1 दिन में करेंगी = 5/200 भाग काम

दोनों मिलकर 1 दिन में करेंगे = 9/120 + 5/200 = 3/40 + 1/40 = 4/40 = 1/10 भाग काम

अतः कार्य पुरा होगा 10 दिन में



उदाहरण


रमेश किसी काम को 30 दिन में एवं सुरेश उसी काम को 20 दिन में करता हैं दोनों एक साथ काम शुरू करते हैं लेकिन रमेश काम समाप्त होने से 5 दिन पहले ही काम छोड़ देता है तो काम को पूर्ण करने में कितने दिन लेगेंगे -

रमेश 1 दिन में करता है = 1/30भाग काम

सुरेश 1 दिन में करता है = 1/20 भाग काम

माना दोनों x दिन साथ काम करते हैं

रमेश x दिन में काम करता है = x/30

सुरेश 5 दिन अतिरिक्त काम करता है अतः

सुरेश (x+5) दिन में काम करता है = (x+5)/20

तो कुल कार्य x/30 + (x+5)/20 = 1 काम

2x+(x+5)3=60

5x=45

x=9

अतः कार्य पुर्ण होने में समय लगेगा 9+5=14 दिन

चाल

चाल


इकाई समय में तय कि गई दुरी चाल कहलाती है यानि जब कोई वस्तु इकाई समय (1 घन्टे,1 मिनट या 1 सैकण्ड) में जीतनी दुरी तय करती है। वह उसकी चाल कहलाती है जैसे एक कार 5 घण्टे में 50 कि.मी. दुरी तय करती है तो 1 घण्टे में तय दुरी 50/5 =10 कि.मी. यही कार की चाल है 10 कि.मी./घण्टा

चाल को कि.मी./घण्टा, मिटर/सैकण्ड या मिटर/मिनट में दर्शाया जाता है।

1 कि.मी. में 1000 मिटर होते हैं। अतः मिटर को कि.मी. में बदलने के लिए 1000 से भाग देते हैं और यदि कि.मी. को मिटर में बदलना होगा तो 1000 से गुना करते हैं

जैसे 5 किमी. को मिटर में बदलने के लिए 5*1000 = 5000 मिटर

इसी प्रकार 1 घण्टे में 60 मिटन होते हैं ओर 1 मिनट में 60 सैकण्ड अतः 1 घण्टे में 3600 सैकण्ड होते हैं। अब यदि घण्टे को सैकण्ड में बदलना होतो 3600 से गुना करेंगे और यदि सैकण्ड को घण्टे में बदलना होता 3600 से भाग देंगे।

जैसे 2 घण्टे को सैकण्ड में बदलने के लिए 2*3600= 7200 सैकण्ड

अब चाल को कि.मी./घण्टा से मिटर/सैकण्ड में बदलना होतो कि.मी. को 1000 से गुना और घण्टे को 3600 से गुना करना होगा

जैसे 20 किमी./घण्टा को मिटर/सैकण्ड में बदलने के लिए (20*1000)/(1*3600) =20*(5/18) इसी प्रकार मिटर/सैकण्ड को कि.मी./घण्टा में बदलने के लिए मिटर को 1000 से भाग देंगे और सैकण्ड को 3600 से भाग देंगे।

जैसे 30 मिटर/सैकण्ड को कि.मी./घण्टा में बदलने के लिए (30/1000)/(1/3600)=30*(18/5) अब हम कह सकते हैं कि किसी चाल को कि.मी./घण्टा से मिटर/सैकण्ड में बदलने के लिए 5/18 से गुना करेंगे और मिटर/सैकण्ड को कि.मी./घण्टा में बदलने के लिए 18/5 से गुना करेंगे।

जब रेल किसी वस्तु जिसकी चैड़ाई को रेल के सापेक्ष नगण्य माना जा सकता है जैसे व्यक्ति,खंम्भा आदि को पार करती है तो रेलगाड़ी स्वंय की लम्बाई जितनी दुरी को पार करती है। जैसे यदि एक रेलगाड़ी ने एक खंम्भे को पार किया तो उसने अपनी लम्बाई जितनी दुरी को पार किया है।क्योंकि जब रेल का अगला सिरा उस खंम्भे का पार करना शुरू करता है। तब से वह दुरी नापी जाति है तथा तब तक नापी जाती है जब तक कि उसका आखरी सिरा उस खंम्भे को पार न कर ले।



 

जब रेल किसी चैड़ी वस्तु जैसे सुरंग,प्लेफार्म या दुसरी रेलगाड़ी को पार करती है तो तय कि गई दुरी में रेलगाड़ी की लम्बाई के साथ साथ उस वस्तु की लम्बाई या चैड़ाई इसमें शामिल कर ली जाती हैं।

यदि रेल की लम्बाई 50 मीटर है तथा उसे 30 मीटर लम्बे प्लेटफार्म को पार करना है तो रेल द्वारा तय कि गई दुरी 50+30 =80 मीटर होगी।                                                        

 

जब रेलगाड़ी किसी चलाय मान वस्तु को पार करती है तो उसकी चाल उस वस्तु के आपेक्ष ज्ञात कि जाती है क्योंकि जब एक चलायमान वस्तु दुसरी चलाय मान वस्तु के पास से गुजरती है तो दोनों की दिशा समान होने पर आपेक्ष चाल दोनों चालों को घटाकर ज्ञात की जाति है और यदि दिशा विपरित होतो आपेक्ष चाल दोनों का योग करके ज्ञात कि जाती है।उदाहरण के लिए माना दो कार एक ही दिशा में 30 कि.मी./घण्टा व 40 कि.मी./घण्टा के चाल जा रही है तो दोनों के बिच कि दुरी जिस चाल से बढ़ रही है या घट रही है उसे आपेक्ष चाल कहेंगे इसी चाल से दो वस्तुएं एक दुसरे को पार करती हैं कार के उदाहरण में आपेक्ष चाल 40-30 =10 कि.मी./घण्टा है अर्थात दोनों के बिच की दुरी इसी चाल से बढेगी या घटेगी।

तथ्य


जब दो रेलगाड़ीयां एक दुसरे को पार करती है तो कुल तय दुरी दोनों कि लम्बाई के बराबर होती है। तथा चाल दिशा पर निर्भर करती है। यदि दोनों एक ही दिशा में है तो चालों को घटाया जायेगा यदि विपरित दिशा में है तो चालों को जोड़ा जायेगा।

यदि रेल चलते हुए व्यक्ति को पार करती है तो तय की गई दुरी रेल की लम्बाई के बराबर होगी तथा चाल दिशा पर निर्भर करेगी।

यदि दोनों एक ही दिशा में है तो चालों को घटाया जायेगा यदि विपरित दिशा में है तो चालों को जोड़ा जायेगा।



उदाहरण


50 मीटर/सैकण्ड की चाल से जा रही रेलगाड़ी एक व्यक्ति को कितने समय में पार कर लेगी यदि गाड़ी की लम्बाई 100 मीटर है।

समय दुरी/चाल

दुरी 100 मीटर

चाल 50 मीटर/सैकण्ड

100/50 2 सैकण्ड में



उदाहरण


200 मीटर लम्बी रेलगाड़ी 54 कि.मी./घण्टा की चाल से 100 मीटर लम्बे प्लेटफार्म को कितने समय में पार कर लेगी ।

सबसे पहले चाल को मि./सै. में बदलने पर 54*5/18 =15 मी/सै.

तय की गई कुल दुरी 200+100 =300

समय =300/14 =20 सैकण्ड



उदाहरण


एक रेलगाड़ी 180 मीटर लम्बे पुल को 12 सैकण्ड में पार कर सकती है तथा एक बिजली के खंम्भे को 3 सैकण्ड में तो रेलगाड़ी की लम्बाई तथा चाल क्या होगी ।

रेलगाड़ी अपनी लम्बाई तथा पुल की लम्बाई को 12 सैकण्ड में पार करती है तथा अपनी लम्बाई(खंम्भे को) को 3 सैकण्ड में तो पुल केवल पुल की लम्बाई को पार करने में लगा समय 12-3 =9 सैकण्ड

अतः हम यह कह सकते हैं कि रेलगाड़ी 180 मीटर दुरी तय करती है 9 सैकण्ड में अतः रेलगाड़ी की चाल 180/9

=20 मीटर/सैकण्ड

इसी चाल से रेलगाड़ी ने खंम्भा पार किया अतः यानि अपनी लम्बाई के बराबर दुरी तय कि तो रेलगाड़ी की लम्बाई 20*3= 60 मीटर

इसी उदाहरण को x मान कर भी हल किया जा सकता है

माना रेलगाड़ी की लम्बाई x मीटर है

तो रेलगाड़ी को 180+x मीटर दुरी तय करने में लगा समय 12 सैकण्ड

यानि रेलगाड़ी की चाल (180+x)/12

तथा रेलगाड़ी को x मीटर दुरी तय करने में लगा समय 3 सैकण्ड

यानि रेलगाड़ी की चाल x/3 मीटर

दोनों ही रेलगाड़ी की चाल है अतः दोनों बराबर होंगी

(180+x)/12 = x/3

180=3x

x=60 मीटर

अतः रेलगाड़ी की लम्बाई 60 मीटर

तथा 60 मीटर दुरी तय करने में लगा समय 3 सैकण्ड अतः चाल

60/3 = 20मीटर/सैकण्ड



उदाहरण


45 किमी./घण्टा की चाल से जा रही रेलगाड़ी जिसकी लंम्बाई 180 मी. है विपरित दिशा से आ रहे व्यक्ति जिसकी चाल 9 किमी./घण्टा है को कितनी देर में पार कर लेगी।

रेलगाड़ी तथा व्यक्ति की आपेक्षिक(विपरित दिशा में चालों का योग) चाल 45+9 = 54किमी./घण्टा

यानि 54*5/18=15 मी./सैकण्ड

180 मीटर दुरी तय करने में लगा समय 180/15 =12सैकण्ड



उदाहरण


दो रेलगाड़ीयां जिनकी लम्बाई क्र. 120 मी. व 180 मी. है एक दिशा में क्र. 30 किमी./घण्टा व 66 किमी./घण्टा की चाल से जा रही है। वे एक दुसरे को पार कितने समय में कर लेंगी।

गाड़ी को एक दुसरे को पार करने के लिए तय करने वाली दुरी 120+180 300 मी.

दोनों एक ही दिशा में जा रही है अतः आपेक्ष चाल 66-30 = 36 किमी./घण्टा

यानि 36*5/18=10मी./सै.

दुरी तय करने में लगा समय 300/10 =30 सैकण्ड



उदाहरण


120 मी. लम्बी गाड़ी सामने से आ रहे व्यक्ति को जिसकी चाल 7 किमी./घण्टा है को 6 सैकण्ड में पार कर लेती है तो गाड़ी की चाल क्या होगी ।

120 मी. दुरी को तय करने में गाड़ी तथा दोनों को लगा समय 6 सैकण्ड अतः आपेक्षिक चाल 120/6 = 20 मी./सैकण्ड

यानि 20*18/5 = 72 किमी./सैकण्ड

अतः गाड़ी तथा व्यक्ति दोनों की आपेक्षिक चाल 72 किमी./घण्टा है तथा व्यक्ति की चाल 7 किमी./घण्टा है तो

गाड़ी की चाल 72-7 = 65 किमी./घण्टा



उदाहरण


100 मीटर लम्बी रेल 45 किमी./घण्टा की चाल से जा रही है सामने से 63 किमी./घण्टा की चाल से आ रही रेल को 15 सैकण्ड में पार कर जाती है। सामने से आ रही रेलगाड़ी की लम्बाई कितनी है।

दोनों गाड़ीयों की आपेक्ष चाल 45+63 =108 किमी./घण्टा यानि 108*5/18 = 30 मि./सै.

30 मि./सै. कि चाल से 15 सैकण्ड में तय दुरी 30*15 =450 मीटर

पहली रेलगाड़ी की लम्बाई 100 मीटर है तो शेष लम्बाई(दुसरी गाड़ी की लम्बाई) 450-100 = 350 मीटर

टंकी तथा पाईप

टंकी तथा पाईप


पाइप तथा टंकी से संम्बन्धित प्रश्नों को हल करने से पुर्व हम इसके बारे में कुछ बेसिक बाते पता होनी चाहिए जैसे टंकी में पानी भरने के लिए नल हमेशा उपर की और लगा होता है तथा खाली करने के लिए टंकी की तली में लगा होता है।                                                        

 

 

यदि एक पाइप एक टंकी को 5 घंटे में भरता है तो एक घन्टे में भरेगा 1/5 भाग।

इसी प्रकार यदि एक पाइप एक घंटे में टंकी का 1/5 भाग भरता है तो पुरी टंकी भरने में समय लगेगा 5 घन्टे।

यदि एक पाइप एक टंकी को 6 घंटे में खाली करती है तो एक घन्टे में खाली करेगी 1/6 भाग। इसी प्रकार यदि एक पाइप एक घंटे में 1/6 भाग खाली करती है तो पुरी टंकी खाली होने में समय लगेगा 6 घन्टे।

अब यदि एक पाइप एक घन्टे में 1/5 भाग भरती है तथा दुसरी पाइप एक घन्टे में 1/6 भाग पानी खाली करती है।

तो एक घन्टे में भरा गया पानी = 1/5-1/6 = (6-5)/30 = 1/30 भाग

इस प्रकार पुरी टंकी को भरने में 30 घन्टे लगेंगे।

उदाहरण


यदि एक नल एक टंकी को 6 घन्टे में तथा दुसरा नल उसी टंकी को 3 घन्टे में भरता है तो दोनों मिल कर उसे कितनी देर में भर देंगे।

पहला नल एक घन्टे में भरता है = 1/6 भाग

दुसरा नल एक घन्टे में भरता है = 1/3 भाग

दोनों मिल कर एक घन्टे मेें भरते हैं 1/6+1/3 = 9/18

टंकी को पुरा भरने में समय लगेगा 18/9= 2 घन्टे।

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उदाहरण


यदि एक नल एक टंकी को 6 घन्टे में भरता है तथा दुसरा नल उसी टंकी को 9 घन्टे में खाली करता है। यदि दोनों नलों को एक साथ खोल दिया जाये तो टंकी को पुर्ण भरने में कितना समय लगेगा।

पहला नल 1 घन्टे में भरता है = 1/6 भाग

दुसरा नल 1 घन्टे में खाली करता है = 1/9 भाग

दोनों नलों को एक साथ खोलने पर 1 घन्टे में टंकी भरेगी(एक नल उसे 1/6 भाग प्रति घन्टे की दर से भरेगा तथा दुसरा उसे 1/9 भाग प्रति घन्टे की दर से खाली करेगा) = 1/6-1/9 = (9-6)/54 = 3/54

अतः टंकी को पुर्ण रूप से भरने में 54/3 घन्टे यानि 18 घन्टे ।



उदाहरण


यदि एक नल एक टंकी को 12 घन्टे में भरता है।यदि एक दुसरे नल को खोल दिया जाये जो कि पानी को बाहर निकालता है। तो टंकी को भरने में 18 घन्टे लग जाते हैं। पुर्ण भरने पर टंकी को खाली होने में कितना समय लगेगा।

एक घन्टे में नल भरता है = 1/12 भाग

जब दुसरा नल खुला हो तो 1 घन्टे में भरता है = 1/18 भाग

अतः एक घन्टे में खाली होता है 1/12-1/18= (3-2)/36 = 1/36 भाग

पुर्ण खाली होने में लगा समय 36 घन्टे।



उदाहरण


एक टंकी को दो नल क्र. 4 घन्टे और 5 घन्टे में भर सकते हैं। एक तीसरा नल जो की टंकी के पैंदे में लगा है। उस टंकी को 2 घन्टे में खाली कर सकता है। अब यदि तीनों नलों को 9 बजे,10 बजे और 11 बजे के अन्तराल पर खोला जाये तो टंकी को खाली करने में कितना समय लगेगा।

सुविधा के लिए माना टंकी 60 लीटर की है(आप इसे x भी मान सकते हैं या कुछ और 60 लीटर सुविधा की दृष्टि से माना गया है ताकि 4 घन्टे में 60 लीटर भरता है तो 1 घन्टे में 15 ली. इसी प्रकार 5 घन्टे में 60 लीटर भरता है तो 1 घन्टे में 12 लीटर)

पहला नल 1 घन्टे में भरता है = 15 ली.

दुसरा नल 1 घन्टे में भरता है = 12 ली.

दानों मिलकर एक घन्टे में भरते हैं 15+12 = 27 ली.

तीसरा नल 1 घन्टे में खाली करता है 30 ली.

पहला नल 9 बजे से 11 बजे तक 2 घन्टे में पानी भरेगा = 30 ली.

दुसरा नल 10 बजे से 11 बजे तक 1 घन्टे में पानी भरेगा =12 ली.

11 बजे तक टंकी में कुल Store पानी 30+12 = 42 ली.

11 बजे तीसरा नल भी खोल दिया जाता है जो की 30 ली. पानी हर घन्टे निकालता है तथा दानों नल 27 ली. पानी टंकी में डालते हैं तो कुल(30-27) 3 ली. पानी टंकी से हर घन्टे निकाला जाता है और Store किया गया पानी 42 ली. है तो पानी को निकालने में लगा समय = 42/3 = 14 घन्टे।

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साझा

साझा


जब दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर कोई व्यापार करते हैं तो उसे साझा कहते हैं। तथा व्यक्तियों को साझेदार कहते हैं ।

पुंजी


साझीदारों द्वारा व्यापार में लगाया गया धन।

साझेदारी में धन का बंटवारा धन व धन के लगे रहने के समय के गुणनफल के अनुपात में किया जाता है।

जैसे राम ने 20 रू 5 महीने के लिए लगाये तथा मोहन ने 30 रू 8 महिने के लिए लगाये तो वर्ष के अन्त में लाभ 100 रू हुआ तो राम व मोहन का लाभ में हिस्सा -

राम की पुंजी = 20*5 = 100

मोहन की पुंजी = 30*8 = 240

अनुपात = 100:240 = 10:24

अनुपातों का योग = 34

लाभ = 100 रू

राम का लाभ में हिस्सा यदि लाभ 1 रू हो = 10/34 भाग

राम का हिस्सा जब लाभ 100 रू = 100*10/34 = 29.41

मोहन का हिस्सा जब लाभ 100 रू = 100*24/34 = 70.59

उदाहरण


क,ख,ग,घ ने मिलकर एक व्यापार आरम्भ किया और इन्होंने क्रमशः 20,000रू, 30,000रू, 50,000रू तथा 70,000 रू लगाये वर्ष के अन्त में लाभ यदि 80,000 रू हुआ हो तो प्रत्येक का लाभ में हिस्सा ज्ञात करो -

क,ख,ग,घ की पुंजीयों का अनुपात = 20,000:30,000:50,000:70,000

= 20:30:50:70

अनुपातों का योग = 20+30+50+70 = 170

क का हिस्सा = (20/170)*80,000 =9411.76

ख का हिस्सा =(30/170)*80,000 =14117.65

ग हिस्सा =(50/170)*80,000 =23529.41

घ का हिस्सा =(70/170)*80,000 =32941.18



उदाहरण


क, ख तथा ग एक व्यापार आरम्भ करते हैं क पहले 50,000 रू लगाता हैं और 6 महिने बाद 20,000 रू निकाल लेता है। ख ने प्रारम्भ में 20,000 रू लगाये 5 माह बाद 30,000 रू ओर लगाये, ग ने 60,000 रू एक वर्ष के लिए लगाये यदि वर्ष के अन्त में लाभ 80,000 रू का हुआ तो ग का लाभ में हिस्सा होगा -

क की पुंजी = 50,000*6+30,000*6 =4,80,000

ख की पुंजी = 20,000*5+50,000*7 =4,50,000

ग की पुंजी = 60,000*12 =7,20,000

क, ख, तथा ग की पुंजीयों का अनुपात =4,80,000:4,50,000:7,20,000 = 48:45:72

राशियों का योग = 165

ग का लाभ में हिस्सा = 72/165*80,000 = 34,909.09 रू



उदाहरण


क,ख, तथा ग ने एक व्यापार में 1/4: 1/3: 1/2 के अनुपात में पुंजियां लगाई यदि 6 महिने बाद क ने अपनी पुंजी का आधा हिस्सा निकाल लिया तो वर्ष के अन्त में लाभ 45,000 रू को तीनों में किस प्रकार बांटा जायेगा -

पुंजीयों का अनुपात = 1/4: 1/3: 1/2 = 3:4:6

अतः माना तीनों ने पुंजीयां लगाई क्रमशः 3x, 4x व 6x

अतः क कि कुल पुंजी = 3x*6+1.5x*6 = 18x+3x = 21x

ख की पुंजी =4x*12 = 48x

ग की पुंजी = 6x*12 = 72x

क, ख, तथा ग की पुंजीयों का अनुपात 21x:48x:72x =21:48:72

अनुपातों का योग 141

क का हिस्सा =21*45000/141 =6702.13

ख का हिस्सा =48*45000/141 =15319.15

ग का हिस्सा =72*45000/141 =22978.72



उदाहरण


क, ख व ग ने मिलकर एक व्यापार आरम्भ किया, क ने कुल धन का 1/4 भाग लगाया, ग ने क व ख दोनों की कुल पुंजी के बराबर पुंजी लगाई तथा वर्ष के अन्त में कुल लाभ 2,10,000 रू हुआ तो तिनों का हिस्सा ज्ञात करो -

माना कुल पुंजी x रू

तब क की पुंजी = x/4

ग की पुंजी = x/2 (व्यापार में आधी पंुजी ग की लगी है)

ख की पंुजी = (x-(x/2+x/4))=(x-3x/4) = x/4

क,ख तथा ग की पुंजीयों का अनुपात x/4:x/4:x/2 = 1:1:2

लाभ 2,10,000

अनुपातों का योग 1+1+2=4

क का हिस्सा =1/4*210000 = 52500

ख का हिस्सा =1/4*210000 =52500

ग का हिस्सा =2/4*210000 = =105000


जब दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर कोई व्यापार करते हैं तो उसे साझा कहते हैं। तथा व्यक्तियों को साझेदार कहते हैं ।

पुंजी


साझीदारों द्वारा व्यापार में लगाया गया धन।

साझेदारी में धन का बंटवारा धन व धन के लगे रहने के समय के गुणनफल के अनुपात में किया जाता है।

जैसे राम ने 20 रू 5 महीने के लिए लगाये तथा मोहन ने 30 रू 8 महिने के लिए लगाये तो वर्ष के अन्त में लाभ 100 रू हुआ तो राम व मोहन का लाभ में हिस्सा -

राम की पुंजी = 20*5 = 100

मोहन की पुंजी = 30*8 = 240

अनुपात = 100:240 = 10:24

अनुपातों का योग = 34

लाभ = 100 रू

राम का लाभ में हिस्सा यदि लाभ 1 रू हो = 10/34 भाग

राम का हिस्सा जब लाभ 100 रू = 100*10/34 = 29.41

मोहन का हिस्सा जब लाभ 100 रू = 100*24/34 = 70.59

उदाहरण


क,ख,ग,घ ने मिलकर एक व्यापार आरम्भ किया और इन्होंने क्रमशः 20,000रू, 30,000रू, 50,000रू तथा 70,000 रू लगाये वर्ष के अन्त में लाभ यदि 80,000 रू हुआ हो तो प्रत्येक का लाभ में हिस्सा ज्ञात करो -

क,ख,ग,घ की पुंजीयों का अनुपात = 20,000:30,000:50,000:70,000

= 20:30:50:70

अनुपातों का योग = 20+30+50+70 = 170

क का हिस्सा = (20/170)*80,000 =9411.76

ख का हिस्सा =(30/170)*80,000 =14117.65

ग हिस्सा =(50/170)*80,000 =23529.41

घ का हिस्सा =(70/170)*80,000 =32941.18



उदाहरण


क, ख तथा ग एक व्यापार आरम्भ करते हैं क पहले 50,000 रू लगाता हैं और 6 महिने बाद 20,000 रू निकाल लेता है। ख ने प्रारम्भ में 20,000 रू लगाये 5 माह बाद 30,000 रू ओर लगाये, ग ने 60,000 रू एक वर्ष के लिए लगाये यदि वर्ष के अन्त में लाभ 80,000 रू का हुआ तो ग का लाभ में हिस्सा होगा -

क की पुंजी = 50,000*6+30,000*6 =4,80,000

ख की पुंजी = 20,000*5+50,000*7 =4,50,000

ग की पुंजी = 60,000*12 =7,20,000

क, ख, तथा ग की पुंजीयों का अनुपात =4,80,000:4,50,000:7,20,000 = 48:45:72

राशियों का योग = 165

ग का लाभ में हिस्सा = 72/165*80,000 = 34,909.09 रू



उदाहरण


क,ख, तथा ग ने एक व्यापार में 1/4: 1/3: 1/2 के अनुपात में पुंजियां लगाई यदि 6 महिने बाद क ने अपनी पुंजी का आधा हिस्सा निकाल लिया तो वर्ष के अन्त में लाभ 45,000 रू को तीनों में किस प्रकार बांटा जायेगा -

पुंजीयों का अनुपात = 1/4: 1/3: 1/2 = 3:4:6

अतः माना तीनों ने पुंजीयां लगाई क्रमशः 3x, 4x व 6x

अतः क कि कुल पुंजी = 3x*6+1.5x*6 = 18x+3x = 21x

ख की पुंजी =4x*12 = 48x

ग की पुंजी = 6x*12 = 72x

क, ख, तथा ग की पुंजीयों का अनुपात 21x:48x:72x =21:48:72

अनुपातों का योग 141

क का हिस्सा =21*45000/141 =6702.13

ख का हिस्सा =48*45000/141 =15319.15

ग का हिस्सा =72*45000/141 =22978.72



उदाहरण


क, ख व ग ने मिलकर एक व्यापार आरम्भ किया, क ने कुल धन का 1/4 भाग लगाया, ग ने क व ख दोनों की कुल पुंजी के बराबर पुंजी लगाई तथा वर्ष के अन्त में कुल लाभ 2,10,000 रू हुआ तो तिनों का हिस्सा ज्ञात करो -

माना कुल पुंजी x रू

तब क की पुंजी = x/4

ग की पुंजी = x/2 (व्यापार में आधी पंुजी ग की लगी है)

ख की पंुजी = (x-(x/2+x/4))=(x-3x/4) = x/4

क,ख तथा ग की पुंजीयों का अनुपात x/4:x/4:x/2 = 1:1:2

लाभ 2,10,000

अनुपातों का योग 1+1+2=4

क का हिस्सा =1/4*210000 = 52500

ख का हिस्सा =1/4*210000 =52500

ग का हिस्सा =2/4*210000 = =105000

अनुपात एवं समानुपात

अनुपात एवं समानुपात


अनुपात


दो सजातीय राशियों की तुलना को अनुपात कहते हैं।

यदि किसी संख्या x को a:b के अनुपात में दो भागों में विभाजित किया जाए तो दोनों भाग होंगे -

xa/(a+b) , xb/(a+b)

यदि किसी संख्या x को a:b:c के अनुपात में बांटा जाए तो इसके तीन भाग होंगे-

xa/(a+b+c) , xb/(a+b+c) , xc/(a+b+c)

समानुपात


दो अनुपातों की बराबरी को समानुपात कहते हैं

जैसे 5:7 = 15:21 इसे 5:7 :: 15:21 भी लिखा जा सकता है।

यदि a:b::c:d तो हम a और b को बाहरी राशियां व c और d को माध्यमिक या आन्तरिक राशियां कहते है।

बाहरी रशियों का गुणनफल = आन्तरिक राशियों का गुणनफल

वर्गानुपात


यदि किसी अनुपात का वर्ग करके नया अनुपात बनाया जाता हैं। तो वह वर्गानुपात कहलाता है।

घनानुपात


यदि किसी अनुपात का घन करके नया अनुपात बनाया जाता है तो वह घनानुपात कहलाता है।

वर्गमूलानुपात


यदि किसी अनुपात का वर्गमुल लेकर नया अनुपात बनाया जाता है।तो वह वर्गमूलानुपात कहलाता है।

विततानुपात


यदि राशियोंa,b,c,d ,...... आदि इस प्रकार हो की a/b=b/c=c/d....... तो राशियां विततानुपाति कहलाती हैं।

मध्यनुपाती


दिये गये दो अनुपातों का मध्यपनुपाती उनके गुणनफल का वर्गमुल होता है।

उदाहरण


450 को राम और मोहन में 5:4 में बांटा जाये तो प्रत्येक का हिस्सा कितना होगा -

5:4 का योग = 5+4=9

राम का हिस्सा = 450*5/9=250

मोहन का हिस्सा =450*4/9=200



उदाहरण


8:14 :: 16:x

बाहरी रशियों का गुणनफल = आन्तरिक राशियों का गुणनफल

8x=14*16

x=14*16/8 = 28



उदाहरण


यदि अनुपात 9:7 के दोनों पक्षों में से 3-3 घटा दिया जाये तो अनुपातों पर क्या प्रभाव पड़ेगा -

दिया है 9:7 = 9/7 = 1.28

9-3/7-3 = 6/4 = 1.5

अतः अनुपात बढ़ेगा



उदाहरण


एक बर्तन में 20 लीटर के मिश्रण में दुध व पानी का अनुपात 4:6 है यदि 1 ली. दुध मिलाया जाये तो नया अनुपात क्या होगा -

दुध व पानी का अनुपात 4:6

दुध व पानी के अनुपातों का योग = 10

अतः 20 ली मिश्रण में दुध कि मात्रा 4*20/10 = 8 लीटर

पानी कि मात्रा = 6*20/10 = 12 लीटर

1 लीटर दुध मिलाने से दुध कि मात्रा 8+1 = 9 लीटर

नया अनुपात 9:12= 3:4



उदाहरण


21 लीटर मिश्रण में दुध व पानी का अनुपात 3ः4 है इसमें कितना दुध मिलाया जाये की नया अनुपात 1:1 हो जाये -

मिश्रण में दुध कि मात्रा = 3*21/7 = 9 लीटर

मिश्रण में पानी कि मात्रा = 4*21/7= 12 लीटर

माना x लीटर दुध मिलाने पर दुध व पानी का अनुपात 1: 1

अतः 9+x:12::1:1

9+x=12

x=3

यानी 3 लीटर दुध मिलाने पर अनुपात 1: 1 हो जायेगा।



उदाहरण


एक बर्तन में 60 लीटर दुध है। उसमें से 6 लीटर दुध निकालकर उसके स्थान पर 6 ली. पानी मिलाया जाता है। पूनः 6 ली. मिश्रण निकालकर उसके स्थान पर 6 ली. पानी मिलाया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद बर्तन के परिणामी मिश्रण में दुध एवं पानी का क्रमश अनुपात होगा -

बर्तन में कुल दुध की मात्रा 60 ली.

6 ली. दुध निकालकर 6 ली. पानी मिलाने पर दुध व पानी का अनुपात = 54:6

अब पुनः 6 ली. मिश्रण निकालने पर निकाली गयी दुध की मात्रा जबकी 60 ली. में दुध 54 ली. ही है। अतः

दुध की मात्रा = 54*6/60 = 5.4 ली.

6 ली. मिश्रण में निकाली गयी पानी की मात्रा =6*6/60 = .6 ली

अब शेष बचा दुध 54-5.4 = 48.6 ली.

शेष बचा पानी 6-.6 = 5.4 ली.

अब इसमें 6 ली. पानी मिलाने पर पानी की मात्रा 5.4 + 6 = 11.6 ली.

अतः अनुपात

48.6: 11.4 या 81: 19



उदाहरण


एक बैग में एक रूपय, 50 पैसे और 20 पैसे के सिक्के 3:4:5 के अनुपात में है। यदि बैग में कुल 190 रूपये हैं तो बैंग में 1 रूपये के सिक्के सिक्कों की संख्या, 50 पैसे के सिक्कों की संख्या व 20 पैसे के सिक्कों की संख्या ज्ञात करो।

माना 1 रूपये के सिक्के हैं = 3x

50 पैसे के सिक्के हैं = 4x

20 पैसे के सिक्के हैं = 5x

माना 3x*1+4x*.50+5x*.20= 190

3x+2x+x= 190

x=40



उदाहरण


एक खान में मजदुरों को 5:4 के अनुपात में कम कर दिया जाता है। तथा उनकी मजदुरी 6:7 के अनुपात में बढ़ा दि जाती है। तो कुल देय मजदुरी में वृद्धि होगी या कमी होगी -

पहले मजदुरों की संख्या =5x

पहले देय मजदुरी = 6y

कुल देय वेतन = 30xy

अब मजदुरों की संख्या = 4x

अब देय मजदुरी = 7y

अब कुल देय मजदुरी = 28xy

अतः कुल देय मजदुरी का अनुपात

30xy:28xy = 30:28 = 15: 14

अतः कुल देय मजदुरी कम होगी।



उदाहरण


8,12,14 का चैथा अनुपात(चतुर्थानुपाती) क्या होगा -

8:12:14:x

8x= 12*14

x=12*14/8 = 21..

अतः चैथा अनुपात 21 होगा।



उदाहरण


8,12 का तीसरा अनुपात क्या होगा -

8:12:12:x

8x=12*12

x = 12*12/8 = 18



उदाहरण


a:b = 4:7 तथा b:c = 14:15 तो a:c तथा a:b:c ज्ञात करो

a/b = 4/7, b/c = 14/15

a/b*b/c=(4/7)*(14/15)=8/15

a/b = 8/15

a:c = 8:15

a:b = 4:7

b:c= 14:15 =14*(7/14):15*(7/14)

a:b:c = 4:7:15/2=8:14:15

सरल ब्याज एवं चक्रवृद्धि ब्याज

सरल ब्याज एवं चक्रवृद्धि ब्याज


मुलधन


जब कोई व्यक्ति या संस्था अपनी आवश्यकता के लिए किसी साहुकार या बैंक से धन उधार लेता है। तो उस उधार लिये गये धन को मुलधन कहते हैं।

ब्याज


उधार लिए गये धन को जब निश्चित समय के बाद वापस किया जाता है। तो उस पर जो किराया लिया जाता है। वह अतिरिक्त किराया ब्याज कहलाता है।

साधारण ब्याज = मुलधन*दर*समय/ 100

मिश्रधन


मूल धन तथा ब्याज का योग मिश्रधन कहलाता है।

ब्याज दर


उधार लिए गये धन के किराये की दर को ब्याज दर कहते हैं।

जैसे 100 रू का 11 रू प्रतिमाह के हिसाब से किराया है तो दर 11 रू होगी।

दर को 100 रू पर एक वर्ष के ब्याज की दर से निकाला जाता है। इसे प्रतिशत दर कहते हैं।

समय


जितने समय के लिए धन किराये पर दिया जाता है। यदि दर वार्षिक हो और समय मास/महिने में दिया गया हो तो महिनों को वर्ष में बदल देना चाहिए।

साधारण ब्याज = मुलधन*दर*समय/ 100

ब्याज दर = (ब्याज*100)/(मूलधन* समय)

समय = (ब्याज*100)/( मुलधन* दर)

मूलधन = (ब्याज*100)/(दर* समय)

उदाहरण


250 रू का 12 प्रतिशत की दर से 2 वर्ष का ब्याज होगा -

मुलधन 250, दर 12 प्रतिशत, समय 2 वर्ष

साधारण ब्याज = मुलधन* दर *समय/ 100

250*12*2/100=60

ब्याज 60



उदाहरण


500 रू कितने प्रतिशत की दर से 5 वर्ष में 600 रू हो जायेंगे -

मुलधन = 500 समय =5 वर्ष मिश्रधन = 600

ब्याज = 600-500 = 100 रू

दर = (ब्याज*100)/(मूलधन*समय)



उदाहरण


कितने समय में 340 रू 4 प्रतिशत की दर से 400 रू हो जायेंग -

समय = ? मुलधन = 340 दर = 4 प्रतिशत

मिश्रधन 400 ब्याज = 400-340 = 60 रू

समय = (ब्याज*100)/(मूलधन*दर)

=60*100/(340*4) = 5



उदाहरण


कितना धन 2 वर्ष में 10 प्रतिशत सरल ब्याज की दर से 1250 रू हो जायेगा -

समय = 2 वर्ष, दर = 10 प्रतिशत

मिश्रधन = 1250

माना मूलधन x है तो

मूलधन + ब्याज = मिश्रधन

x+(x*2*10)/100 = 1250

100x+(2*10)x=1250*100

[100+(2*10)]x=1250*100

x=(1250*100)/[100+(2*10)]=1041.66

मुलधन = (मिश्रधन *100)/(100+दर* समय)



उदाहरण


कोई धन सरल ब्याज की दर से 2 वर्ष में 1220 रू तथा 5 वर्ष में 1400 रू हो जाता है। मूलधन तथा ब्याज दर क्या होगी -

मूलधन+2 वर्ष का ब्याज = 1220 रू

मुलधन+5 वर्ष का ब्याज = 1400 रू

3 वर्ष का ब्याज = 1400-1220 = 180 रू

1 वर्ष का ब्याज = 180/3 = 60 रू

2 वर्ष का ब्याज = 120 रू

अतः मुलधन + 2 वर्ष का ब्याज = 1220

मूलधन + 120 = 1220

मूलधन = 1220-120 = 1100

दर = (120*100)/(1100*2)



उदाहरण


कितने प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से कोई धन 5 वर्ष में दुगना हो जाऐगा -

माना मूलधन = 100 रू मिश्रधन = 200 रू

ब्याज = 100 रू समय = 5 वर्ष

दर = (100*100)/(100*5)=20 प्रतिशत



उदाहरण


कितने समय में 10 प्रतिशत की दर से कोई धन दुगना हो जायेगा -

माना मुलधन = 100 रू मिश्रधन = 200 रू

ब्याज = 100 रू दर = 10 प्रतिशत

समय = (100*100)/(100*10)=10 वर्ष


चक्रवृद्धि ब्याज


जब ऋण लेने वाला व्यक्ति निश्चित समय समय पर ब्याज की राशि नहीं चुका पाता है तो यह ब्याज की राशि मूलधन में जोड़ दि जाति है। तथा इस पर फिर से ब्याज अगली अवधि के लिए लगाया जाता है अर्थात पहली अवधी का मिश्रधन अगली अवधि के लिए मुलधन बन जाता है। इस प्रकार अन्त में प्राप्त मिश्रधन चक्रवृद्धि मिश्रधन कहलाता है। तथा चक्रवर्ती मिश्रधन और मुलधन का अन्तर चक्रवृद्धि ब्याज कहलाता है।

मिश्रधन = मुलधन*(1+दर/100)समय

ब्याज = मिश्रधन-मूलधन

तथ्य


यदि ब्याज की गणना अद्र्ववार्षिक हो तो दर = आधी, समय = दुगना

यदि ब्याज की गणना त्रैमासीक हो तो दर = चैथाई, समय = चैगुना हो जाता है।

यदि ब्याज की गणना द्विवार्षिक हो तो दर = दुगुनी, समय = आधा हो जाता है ।



उदाहरण


5000 रू पर 3 वर्ष का 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से चक्रवृद्धि ब्याज होगा -

मिश्रधन = मुलधन*(1+दर/100)समय

= 5000[1+6100]3

= 5000[106/100]3

= 5000*(106/100)*(106/100)*(106/100)

= 5,955.08

ब्याज = मिश्रधन-मूलधन

ब्याज =5955.08-5000= 955.08



उदाहरण


1000 रू का 10 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज की दर से चक्रवृद्धि ब्याज 331 रू हो जाता है तो समय ज्ञात किजिए जबकि ब्याज वार्षिक देय है -

मुलधन = 1000

मिश्रधन = 1331 (मुलधन + ब्याज)

1331 = 1000(1+10/100)समय

1331/1000=(110/100)समय

(11/10)3=(11/10)समय

आधार समान होने पर घाते भी समान होंगी।

अतः समय 3 वर्ष



उदाहरण


एक धन किसी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से 2 वर्ष में 1100 व तीन वर्ष में 1200 रू हो जाता है तो ब्याज दर क्या होगी -

1 वर्ष का ब्याज = 3 वर्ष का मिश्रधन - 2 वर्ष का मिश्रधन = 1200-1100 = 100

दर = (ब्याज/मुलधन)*100

=(100/1100)*100= 9.09

क्षेत्रफल परिमाप

क्षेत्रफल परिमाप


वर्ग


वर्ग एक समतल आकृति है। जिसकी चार भूजाएं होती और चारों भूजाएं समान लम्बाई की होती है तथा चारों कोण समकोण यानी 900 के होते हैं। दो विकर्ण हो जिनकी लम्बाई बराबर होती है।



 

वर्ग की परिमाप = 4*भूजा (4 भूजाएं जिनकी लम्बाई बराबर)

क्षेत्रफल = (भूजा)2

क्षेत्रफल यदि विकर्ण दिया हो = (विकिर्ण)2/2

विकिर्ण यदि एक भूजा दि हो - भूजा*√2

आयत


आयत भी वर्ग की तरह समतल आकृती है।तथा इसके भी सभी कोण 900 के होते हैं लेकिन चारों भूजाएं समान लम्बाई की नहीं होती बल्की आमने सामने कि भूजाएं समान लम्बाई की होती हैं



 

आयत का परिमाप = 2*(लम्बाई+चैड़ाई)

क्षेत्रफल = लम्बाई*चैड़ाई

विकिर्ण = √लम्बाई2 +चैड़ाई2

त्रिभूज


त्रिभूज भी एक समतल आकृति है। जिसकी तीन भूजाएं होती है। तथा तिन कोण होते हैं।तीनों कोणों का योग 1800 होता है। त्रिभूज में जो कोण त्रिभूज से बाहर बनता है उसे बहिष्कोण कहते हैं तथा जो कोण त्रिभूज के अन्दर बनता है। उसे अतः कोण कहते हैं बहिष्कोण सामने वाले दोनों अतःकोणों क योग के बराबर होता है।वह त्रिभूज जिसमें एक कोण समकोण यानि 900 का हो तो इसे समकोण त्रिभूज कहते हैं। समकोण के सामने की भूजा कर्ण कहलाती है तथा जिस पर समकोण् होता है उसे आधार कहते हैतथा तिसरी भूजा जो समकोण पर है लम्ब कहलाती है।



 

इसका क्षेत्रफल = 1/2*( आ.*उ.) उंचाई = लम्ब

समकोण त्रिभूज की भूजाओं में एक सम्बंध पाया जाता है (pythagoras theorem)

कर्ण2 = आधार2 + लम्ब2

यदि त्रिभूज समकोण त्रिभूज न हो तथा तिनों भूजाए(a,b,c) दि गई हो तो क्षेत्रफल (हिरो का सुत्र ) = √s(s-a)(s-b)(s-c)

यहां s त्रिभुज का अर्ध परिमाप है s = (a+b+c)/2

वह त्रिभूज जिसमें सभी कोण बराबर हो तो इसकी सभी भूजाएं भी बराबर होगी। क्योंकि बराबर कोणों की सम्मूख भूजाएं बराबर होती है। ऐसा त्रिभूज समबाहू त्रिभूज कहलाता है। इसका प्रत्येक कोण 600 का होता है। इस प्रकार के त्रिभूज का क्षेत्रफल = √3/4*(भूजा)2

त्रिभूज की दो भूजाओं का योग तिसरी भूजा से सदैव बड़ा होता है।

चतुर्भूज


एक समतल आकृति है। जिसकी चार भूजाएं होती है तथा चार कोण होते हैं तथा चारों कोणों का योग 3600 होता है। चतुर्भूज कई प्रकार के होते हैं जैसे



समान्तर चतुर्भुज -

ऐसे चतुर्भुज जिसमें आमने सामने की भूजाओं के युग्म समान्तर हो समान्तर चतुर्भूज कहलाते हैं।आयत एक समान्तर चतुर्भुज है लेकिन यह आवश्यक नहीं की प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज एक आयत हो। इसका क्षेत्रफल - आधार*उंचाई

यदि किसी समान्तर चतुर्भूज की सभी भुजाएं बराबर हो तो इसे समचतुर्भुज कहते हैं इसका क्षेत्रफल - 1/2 *(विकिर्णों का गुणनफल)

समलम्ब चतुर्भुज


यदि किसी चतुर्भुज में केवल एक युग्म ही समान्तर हो तो इसे समलम्ब चतुभुर्ज कहते हैं।इसका क्षेत्रफल = 1/2*(समान्तर भूजाओं का योग)*(उनके बिच की दुरी)

वृत


वृत्त एक समतल आकृति है जिसके सभी बिन्दु किसी निश्चित बिन्दु से समान दुरी पर स्थित होते हैं निश्चित बिन्दु को वृत्त का केन्द्र कहते हैं।

वृत्त की सबसे छोटी इकाई त्रिज्या मान सकते हैं जो इसके केन्द्र से लेकर इसके किनारे तक कि लम्बाई है। व्यास वृत्त के एक किनारे से लेकर केन्द्र से गुजर कर दुसरे किनारे तक जाने वाली रेखा कि लम्बाई है। यानि व्यास त्रिज्या से दुगना होेता है।

यदि त्रिज्या को r माने तो व्यास 2r होगा।



 

वृत्त की परिधि = 2πr

क्षेत्रफल = πr2

अर्ध वृत्त का क्षेत्रफल = 1/2(πr2)

अर्ध वृत्त की परिधि =πr(2πr का आधा)+ 2r व्यास

चाप की लम्बाई = 2πr(Θ/360) नोट - 2πr कुल परिधि है। जिसमें से 3600 का कोण बनता है। जब कोण Θ बनता है तो वह कुल परिधि का Θ/360 प्रतिशत ही होगा|

चाप का क्षेत्रफल = कुल क्षेत्रफल*(Θ/360) या 1/2(चाप की लम्बाई *त्रिज्या )= 1/2(AB*r)

उदाहरण


एक वर्ग की एक भूजा की लम्बाई 40 सेमी. है इसका क्षेत्रफल होगा -

वर्ग का क्षेत्रफल - भूजा2

-(40)2 - 1600 सेमी2



उदाहरण


एक वर्ग की प्रत्येक भूजा की लम्बाई में 10% वृद्धि करने पर क्षेत्रफल में कितने प्रतिशत की वृद्धि होगी -

माना पहले भूजा थी - 100 मी.

तो क्षे. (100)2 = 10,000 मी.2

10% वृद्धि के बाद भूजा 110 मी. तथा क्षे.= (110)2 = 12,100 मी.2

वृद्धि हुई - 12,100-10,000 - 2100 मी.2

माना 2100 मी.2 10,000 मी.2 का x प्रतिशत है अतः

10,000*x/100 = 2100

x=(2100*100)/10000 = 21%



उदाहरण


एक आयत की लम्बाई 10 सेमी और चैड़ाई 15 सेमी है क्षेत्रफल होगा -

आयत का क्षेत्रफल = लम्बाई*चैड़ाई

= 10*15 = 150 सेमी



उदाहरण


एक आयत की लम्बाई 5 सेमी तथा एक विकिर्ण कि लम्बाई 13 सेमी है आयत का क्षेत्रफल होगा -

हमें आयत की एक भुजा 5 सेमी व विकिर्ण 13 दिया है अतः दुसरी भुजा ज्ञात करनी है इसके लिए हम जानते हैं कि विकिर्ण आयत को दो समकोण त्रिभुजों में बांटता है और समकोण त्रिभुज की भुजाओं में एक सम्बन्ध पाया जाता है।

कर्ण2 = आधार2 + लम्ब2

लम्ब2 = कर्ण2 - आधार2

लम्ब2= 132 - 52

लम्ब2= 169-25 = 144

लम्ब =12

अतः आयत का क्षेत्रफल - 12*5 = 60 सेमी2



उदाहरण


एक बैडमिनटन का कोर्ट जिसकी लम्बाई 30 मी. तथा चैड़ाई 20 मी. है। में लकड़ी के 3*2 मी के टुकड़े लगवाने है। एक टुकड़े का मुल्य 120 रू है तो पुरे कोर्ट में लकड़ी लगवाने में कितना खर्चा होगा -

कोर्ट का क्षेत्रफल = 30*20 = 600 मी.2

टुकड़े का क्षेत्रफल - 3*2 - 6 मी.2

600 मी. में 6 मी. के टुकड़े लगेंगे - 600/6 = 100

एक टुकड़े का मुल्य 120 रू तो 100 टुकड़ों का मुल्य 120*100 = 12,000 रू



उदाहरण


100 मी. लम्बे व 50 मी. चौड़े पार्क में अन्दर की तरफ टहलने के लिए 3 मी. चौड़ी सड़क बनवाने में कितना खर्चा आयेगा यदि खर्चा 50 रू. प्रति वर्ग मी. हो -

पार्क का क्षेत्रफल =100*50 = 5000मी.

पार्क के अन्दर का क्षेत्रफल सड़क को छोड़कर

लम्बाई दोनों तरफ 3-3मी. कम हो गई अतः अब लम्बाई = 100-6 = 94 मी.

चैड़ाई भी दोनों तरफ से 3-3मी. कम हो गई अतः अब चैड़ाई = 50-6 = 44 मी.

अतः अन्दर का क्षेत्रफल 94*44 = 4136 मी2

शेष क्षेत्रफल यानी सड़क का क्षेत्रफल = 5000-4136 = 864 मी.2

1 वर्ग मी. का खर्चा 50 रू अतः 864 का खर्चा - 864*50 = 43,200 रू.



उदाहरण


एक समकोण त्रिभुज का आधार 10 सेमी. उंचाई 13 सेमी. है त्रिभुज का क्षेत्रफल -

त्रिभुज का क्षेत्रफल - 1/2(आधार*उंचाई)

= (13*10)/2 =130/2 = 65 सेमी.2



उदाहरण


एक त्रिभुज की तीन भुजाएं 8,10,6 हैं त्रिभुज का क्षेत्रफल -

हमें यह नहीं पता की यह समकोण त्रिभुज है या नहीं अतः हम इसका क्षेत्रफल हिरो के सुत्र से ज्ञात करेंगे -

सबसे पहले अर्ध परिमाप s ज्ञात करेंगे = (8+10+6)/2 = 12

हिरो का सुत्र - √s(s-a)(s-b)(s-c)

= √12(12-6)(12-8)(12-10)

= √12(6)(4)(2)

= √576

A = 24



उदाहरण


एक समकोण त्रिभुज में कर्ण 5 सेमी. व लम्ब 3 सेमी हैं त्रिभुज का क्षेत्रफल होगा -

तिसरी भुजा निकालने के लिए

कर्ण2 = आधार2 + लम्ब2

आधार2 = कर्ण2 - लम्ब2

= 52 - 32

= 25-9

आधार2 = 16

आधार = 4

त्रिभुज का क्षेत्रफल - 1/2(3*4) = 6



उदाहरण


एक समबाहु त्रिभुज की एक भुजा 6 सेमी. है इसका क्षेत्रफल होगा -

समबाहु त्रिभुज की सभी भुजाएं समान होती है अतः क्षेत्रफल - √3/4*(भूजा)2

= √3/4*(6)2

= √3/4*36 = √39



उदाहरण


एक समकोण त्रिभुज में आधार व उंचाई में अनुपात 3:4 है। इसका क्षेत्रफल 96 सेमी है। इसका कर्ण होगा -

माना इसका आधार 3x व उंचाई 4x है तो क्षेत्रफल - 1//2*(3x*4x) = 96

= 12/2*x2 = 96

x2 = 96/6

x2 = 16

x = 4

आधार = 3*4 =12

उंचाई = 4*4 = 16

कर्ण2 = 122 + 16 2

कर्ण2 = 144 + 256

कर्ण2 = 400

कर्ण = 20



उदाहरण


एक समान्तर चतुर्भुज लम्बाई 4 सेमी. व चैड़ाई. 7 सेमी. है इसका क्षेत्रफल होगा -

समान्तर चतुभुर्ज का क्षेत्रफल = आधार*उंचाई

= 4*7 = 28

उदाहरण - एक समचतुर्भुज के विकिर्णों की लम्बाई क्र. 20 सेमी. व 10 सेमी. है इसका क्षेत्रफल -

समचतुर्भुज का क्षेत्रफल = 1/2 विकिर्णों का गुणनफल

विकिर्ण -20,10

क्षेत्रफल - 1/2(20*10) = 100



उदाहरण


एक समचतुर्भुज के विकर्णो की लम्बाई 24 सेमी. व 10 सेमी. है। इसका परिमाप होगा -

समचतुर्भुज के विकिर्ण एक दुसरे का समद्विविभाजित करते हैं अतः

त्रिभुज AOD

आधार -5 लम्ब - 12

कर्ण2 = 25 + 144

कर्ण2 = 169

कर्ण = 13

अतः समचतुर्भुज की एक भुजा 13 सेमी है तो परिमाप - 4* भुजा = 4*13 = 52



उदाहरण


एक वृत्त की परिधि 88 सेमी. तो त्रिज्या होगी -

परिधि = 2πr π=22/7

2πr = 88

2*22/7*r = 88

r= (88*7)/2*22

r=14



उदाहरण


एक पहिया 880 मी. दुरी तय करने में 10 चक्र लगाता है तो पहिये कि त्रिज्या क्या होगी -

एक चक्र पुरा करने में तय दुरी - 880/10 = 88 मी. यानि पहिये कि परिधि - 88 मी. है।

2πr = 88

r = 14



उदाहरण


बस के एक पहिये कि त्रिज्या 140 सेमी. इसे 60 किमी./घण्टा की गति के लिए प्रति मिनट कितने चक्र लगाने होंगे -

सबसे पहले बस की चाल मिटर/मिनट में बदलने पर = 60*1000/60 = 1000 मी./मिनट

पहिये कि परिधि = 2πr =2*22/7*140 = 88/10

एक चक्र में तय दुरी 88/10 मी. तो 1000 मी. दुरी तय करने में चक्रलगाने होंगे माना x

(88*x)/10 = 1000

x = (1000*10)/88 = 113.63 चक्र